स्थिरता
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उपदेश
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सम्पूर्णता
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अपौरुषेय वेद- साधना के ग्रन्थ
अपौरुषेय वेद- साधना के ग्रन्थ
आत्मबल
—-अपने स्वरूप को भूल जाने के कारण हम निर्बल हो गए है,अपने आपको पहचानकर अपनी आत्मशक्ति को विकसित कर हम पुनः समर्थ हो सकते है।इच्छा कम करो काम क्रोध लोभ सब भाग जायेंगे।संसार में रहने और संसार के कार्य करने में कोई दोष नही,केवल दासी के समान मन भाव रहना चाहिए, सब कार्य करती है …
